न्यूज़ समय तक कानपुर उत्तर प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं के भारी विरोध और तकनीकी शिकायतों के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था को अनिवार्य रूप से रद्द कर दिया है।योगी सरकार के इस बड़े फैसले से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:पोस्टपेड व्यवस्था की वापसी: अब राज्य के सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में काम करेंगे। यानी उपभोक्ताओं को अब बिजली इस्तेमाल करने से पहले रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि महीने के अंत में बिल आएगा।75 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत: लगभग 75 लाख से 83 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को वापस पोस्टपेड सिस्टम में शिफ्ट कर दिया जाएगा।बिलिंग प्रक्रिया: उपभोक्ताओं को महीने की 1 से 30 तारीख तक का बिल अगले 10 दिनों के भीतर SMS या WhatsApp पर प्राप्त होगा।बकाया भुगतान में सुविधा: पुराने बकाये को चुकाने के लिए सरकार 10 आसान किस्तों की सुविधा भी प्रदान करेगी।कलेक्शन नहीं कटेगा: अब एक महीने के भीतर किसी भी स्थिति में बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, चाहे बैलेंस नेगेटिव ही क्यों न हो।निर्णय का कारण: उपभोक्ताओं ने बिलिंग में गड़बड़ी, सर्वर की समस्या और रिचार्ज के बाद भी बिजली न आने जैसी तकनीकी खामियों की व्यापक शिकायतें की थीं, जिसके बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इस बदला



