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सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को डिजिटाइज करने का प्रशिक्षण शिविर का आयोजन।

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सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को एकीकृत कर डिजिटाइज करने को लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण और फार्मेसी मॉड्यूल को लागू करने का निर्णय उचित कदम: सिविल सर्जन।

प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन कटिहार के एचएम, बीएचएम सहित अन्य प्रशिक्षित: रणधीर कुमारपूर्णिया, 26 अप्रैल।पूरे राज्य में संचालित सभी तरह के सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को एकीकृत करते हुए डिजिटाइज करने को लेकर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल परिसर स्थित सभागार में किया गया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने कहा कि सभी के लिए बिहार स्वास्थ्य आवेदन दूरदर्शी योजना (भव्य) के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण और फार्मेसी मॉड्यूल को लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिसके अंतर्गत पूर्णिया प्रमंडल के सभी जिलों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों के डाटा ऑपरेटर, अस्पताल प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को प्रशिक्षित करने को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमें पहला दिन कटिहार, दूसरे दिन पूर्णिया जबकिं अंतिम एवं तीसरे दिन किशनगंज एवं अररिया जिले के कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस अवसर पर जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी आलोक कुमार, रॉडिक के राज्य अनुश्रवण एवं मूल्यांकन विशेषज्ञ रणधीर कुमार एवं अजय कुमार सिंह, प्लस 91 के धीरज कुमार, दुर्गा शंकर सिंह, दीपक गुप्ता, प्रगति कुमार, प्रतीक कुमार, राहुल झा, जयप्रकाश सहित कई अन्य कर्मी उपस्थित थे।डिजिटल हेल्थ योजना से संबंधित प्रशिक्षण शिविर का आयोजन: डीएमएंडईजिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा विगत 21 अक्टूबर 2022 को राज्य सहित सभी जिलों में आमजनों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के अभिलेखों का डिजिटाइजेशन करने के लिए “डिजिटल हेल्थ योजना” के तहत सभी प्रकार के अभिलेख को सुरक्षित एवं संधारित करने के लिए इस अभियान का शुभारंभ किया गया। इस योजना के पूर्ण रूप से साकार होने के बाद अस्पताल में आने वाले मरीज़ों का भव्य एप के माध्यम से पंजीकरण किया जाएगा। वहीं अगर उनका आभा कार्ड बना हुआ है तो उन्हें किसी तरह के अभिलेख को अलग से अस्पताल में लेकर जाने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। सबसे अहम बात यह है कि अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा निर्गत पर्ची खो जाने या उपलब्ध नहीं रहने के बावजूद भी इसके तहत पूर्व के उपचार से संबंधित सभी तरह की जानकारी चिकित्सक के पास उपलब्ध रहेगी। साथ ही विभिन्न मरीजों के उपचार से संबंधित आंकड़ों से यह जानकारी उपलब्ध हो सकेगी कि किस समय कौन सी बीमारी ज्यादा हो रही है जिससे उसकी रोकथाम एवं प्रबंधन में सहायता मिल सकती है।प्रशिक्षण के पहले दिन कटिहार के एचएम, बीएचएम सहित अन्य को किया गया प्रशिक्षित: रणधीर रॉडिक के राज्य अनुश्रवण एवं मूल्यांकन विशेषज्ञ रणधीर कुमार ने बताया कि कटिहार जिले के सभी अस्पताल प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी एवं डेटा ऑपरेटर को प्रशिक्षित किया गया है। जिसको पूरे राज्य में लागू करने वाले प्रबंधित सेवा प्रदाता के द्वारा रॉडिक एवं प्लस 91 टेक्नोलॉजी के प्रतिनिधियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य यही है कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के अभिलेख को पेपरलेस करने को लेकर डिजिटल हेल्थ योजना से जुड़े सभी तरह के अभिलेखों को सुरक्षित रूप से संधारित करना है। राज्य के लगभग 12 करोड़ लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाओं को कम से कम समय में उपलब्ध कराना एवं सभी संस्थाओं को एकीकृत प्रणाली से जोड़ना है।

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