रविवार, जून 23, 2024
spot_imgspot_imgspot_img
होमताजा खबरउत्तर प्रदेशमुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों...

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ एग्री स्टैक योजना के संबंध में बैठक संपन्न

न्यूज ऑफ़ इंडिया (एजेन्सी)

न्यूज़ समय तक दिनांकः 06 जनवरी, 2024

लखनऊ। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ एग्री स्टैक योजना के संबंध में बैठक आयोजित हुई।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि एग्री स्टैक का उद्देश्य किसानों के लिए सस्ता ऋण, उच्च गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट, स्थानीयकृत और विशिष्ट लक्षित सलाह, बाजारों तक सुविधाजनक पहुंच बनाना, हितधारकों द्वारा विभिन्न किसान और कृषि-केंद्रित लाभदायी योजनाएं बनाना व उन्हें लागू करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे कराने से किसानों की जिंदगी में नए बदलाव आएंगे, उनके उत्पादन का प्रमाणित आंकड़ा आसानी से मिल सकेगा, जिससे कृषकों के आर्थिक विकास उन्नयन एवं कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में नई क्रान्ति आएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों के रकबे का सही आंकड़ा प्राप्त होने से बैंकों द्वारा किसानों को कृषि निवेश क्रय करने हेतु आसानी से केसीसी जारी हो सकेगा। आने वाले समय में प्रदेश स्तर पर बैठे-बैठे डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से यह पता हो सकेगा कि किसान ने अपने खेत में कौन-कौन सी फसलें बोई हैं।
उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश की इकोनॉमी को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाए जाने में कृषि का महत्वपूर्ण स्थान है। डिजिटल क्रॉप सर्वे द्वारा फसलवार आच्छादन की सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि उत्पादों से आय का वास्तविक आकलन संभव होगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए बार-बार सत्यापन कराने से मुक्ति मिल जाएगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के डाटा से किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं में त्वरित सत्यापन बहुत ही सुगमता से हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में प्रदेश ने खरीफ में 21 जनपदों में शत प्रतिशत तथा 54 जनपदों में 10-10 ग्रामों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूर्ण होने की उपलब्धि हासिल की है। अब प्रदेश के लगभग 100ः प्लॉट्स का जिओ-रेफ्रेंसिंग किया जा चुका है। इसलिए वर्तमान रबी फसल का प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 100ः डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुरुआत हो चुकी है।
मुख्य सचिव ने जनपद फर्रूखाबाद को 26 जनवरी, 2024 तक अपने जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का शत प्रतिशत कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य जिलाधिकारियों से फार्मर रजिस्ट्री के लिए अपने जनपद में माहौल बनाने की अपेक्षा की, जिससे 15 फरवरी, 2024 से अभियान चलाकर फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य संपन्न कराया जा सके। यह भी कहा कि रबी 2023-24 के ई खसरा पड़ताल को समय से पूर्ण कराया जाये।
इस दौरान मुख्य ज्ञान अधिकारी एवं सलाहकार, भारत सरकार श्री राजीव चावला ने बताया कि एग्री स्टैक में जिओ रेफरेंस भू नक्शा, ई खसरा पड़ताल के माध्यम से फसल एवं फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से कृषक का विवरण एक ही स्थान पर आ जाएगा और इस प्रकार कृषक का एक गोल्डन डाटा तैयार होगा, जिससे सभी को फायदा होगा।
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री का पायलट कर रहे जिलाधिकारी फर्रुखाबाद ने अपना अनुभव साझा किया।
बैठक में भारत सरकार से सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मनोज अहूजा, अपर सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग प्रमोद महिंद्रा तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिला अधिकारी आदि अन्य अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments