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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेट गंगा कमेटी की 12वीं बैठक आयोजित

न्यूज ऑफ इंडिया (एजेन्सी)

न्यूज़ समय तक दिनांक: 5 दिसंबर, 2023

लखनऊ: मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में स्टेट गंगा कमेटी की 12वीं बैठक आयोजित हुई।
बैठक में अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा सरयू नदी के गुप्तार घाट पर पंचवटी द्वीप व राम अनुभव केन्द्र तथा वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा गंगा नदी के किनारे (रामनगर की ओर) टेंट सिटी के निर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे मुख्य सचिव द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से अनुमति प्राप्त करने हेतु प्रेषित करने की संस्तुति की गई।
बैठक में बताया गया है कि पंचवटी द्वीप पर राम अनुभव केन्द्र के निर्माण का मुख्य उद्देश्य अपनी वैदिक सभ्यता का गौरव केवल शास्त्रों तक सीमित न रखकर व्यक्तिगत जुड़ाव के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। पंचद्वीप पर 75 एकड़ में राम अनुभव केंद्र, राम वन गमन पथ, श्री राम और रामायण की प्रासंगिकता, कल्प वास एवं वैदिक ग्राम, अमृत भोजन प्रसाद, योगनग्राम, जैविक कृषि, तरुताल वैदिक विद्यालय और खेल प्रशिक्षण केंद्र, पर्यावरण जागरूकता और रोजगार के अवसर, आजीविका, अर्थ गंगा का सृजन जैसे कार्य प्रस्तावित किये गये हैं। इससे आम जनमानस अपने दैनिक जीवन में आत्मसात् करके एक स्वस्थ व सुखी जीवनयापन कर सकेंगे।
सम्पूर्ण प्रोजेक्ट की डिजाइन सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल के आधार पर तैयार किया गया है, जिसका प्रारूप ‘अर्थ गंगा परियेाजना’ की गाइड लाइंस पर आधारित है। इस परियोजना के अन्तर्गत किसी भी निर्माण के लिए आर0सी0सी0 एवं पी0सी0सी0 का उपयोग नहीं होगा। निर्माण विधि एवं सीवरेज, स्लज व कूड़े का निस्तारण पर्ण कुटीर का निर्माण बांस व कुश के द्वारा किया जायेगा। मल निस्तारण हेतु, बायो डाइजेस्टिव सेप्टिक टैंक का उपयोग किया जाएगा। दूषित जल एस0टी0पी0 द्वारा मानकों के अनुसार ट्रीट करके बागवानी एवं कृषि में प्रयोग में लाया जायेगा। पंचवटी द्वीप ‘नो प्लास्टिक जोन’ होगा। इस परियोजना में श्रीअन्न को प्रधानता दी जायेगी।
योग ग्राम-साधकों हेतु ध्यान, प्राणायाम, यज्ञ हवन आदि के विभिन्न कार्यक्रम होंगे। नेचुरोपैथी, आयुर्वेद की विधियों के केन्द्र उपलब्ध होंगे। कला ग्राम में प्रदेश के सभी जिलों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जायेगा। पंचवटी द्वीप पर जैविक व कॉस्मिक कृषि से फसल उगाई जाएगी। तरु तल वैदिक विद्यालय (आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए) बैम्बू स्किल डेवलपमेंट एवं साहसिक खेल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किए जायेंगे। स्थानीय किसानों एवं श्रमिकों को पंचवटी द्वीप पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। कलाग्राम में हस्तशिल्पियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
अर्थ गंगा परियोजना के तहत नदी के 10 किलोमीटर तक जीरो बजट प्राकृतिक खेती की जायेगी, जिसमें रसायन मुक्त खेती और गोबर धन योजना के माध्यम से खाद के रूप में गोबर को बढ़ावा दिया जायेगा। साथ ही जनभागीदारी को बढ़ाने के लिये नदी से जुड़े हितधारकों के बीच तालमेल बढ़ाने पर बल दिया जायेगा।
राम अनुभव केन्द्र अस्थाई स्ट्रक्चर पर आधारित होगा। वर्षा ऋतु में अस्थाई स्ट्रक्चर को डिस्मेंटल कर दिया जायेगा। वर्षा ऋतु में श्री राम अनुभव केन्द्र संचालन नहीं होगा। वर्षा ऋतु की समाप्ति के पश्चात अक्टूबर माह में इन स्ट्रक्चर्स को पुनः एसेम्बल कर श्री राम अनुभव केन्द्र का संचालन प्रारम्भ किया जायेगा। स्ट्रक्चर्स को नदी से पर्याप्त दूरी पर एक 100 फीट का ग्रीन बफर जोन बनाने हुए स्थापित किया जायेगा, ताकि दुर्घटना की कोई संभावना न रहे। समस्त नियमों के अनुपालन हेतु सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए एक समिति बनायी जायेगी, जो प्रत्येक 15 दिन के अन्तराल पर श्री राम अनुभव केन्द्र का आकस्मिक एवं नियमित निरीक्षण करेगी, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहने पाये।
वाराणसी नगर में विदेशी व स्थानीय पर्यटकों हेतु वर्तमान में ठहरने की कमी के दृष्टिगत वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा ट्रांस-गंगा क्षेत्र में रामनगर की ओर टेंट सिटी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें अस्थायी स्विस कॉटेज बनाये जायेंगे, जिसमें तम्बू आवास, भोजन क्षेत्र, योग, ध्यान केंद्र पुस्तकालय, आर्ट गैलरी तथा अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां सम्मिलित है। इसमें कोई स्थायी निर्माण नहीं किया जायेगा। आने-जाने के लिए चेकर्ड प्लेटें का प्रयोग किया जायेगा। सीवेज नेटवर्क के माध्यम से रामनगर में एसटीपी के माध्यम से सीवेज निपटान के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाया जायेगा।
कार्तिक (अक्टूबर) के बीच काशी में बहुत सारी धार्मिक गतिविधियां होती हैं। टेंट सिटी के निर्माण से इस दौरान गंगा नदी के पार इन सांस्कृतिक/धार्मिक गतिविधियों को विनियमित करने में मदद मिलेगी। साथ ही इस परियोजना का उद्देश्य नदी के दूसरी ओर स्वच्छ और सुरक्षित गंगा स्नान को बढ़ावा देना, कथा वाचन/धार्मिक के लिए अतिरिक्त रहने की सुविधा और सुविधाएं तैयार करना है।
टेंट सिटी बनने से कछुआ अभयारण्य के स्थानांतरण के बाद अप्रयुक्त गंगा रेत का उपयोग हो सकेगा। नदी तल पर न्यूनतम हस्तक्षेप होगा। पर्यटक आवास की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के साथ ही आध्यात्मिक पर्यटन के लिए अनोखा नदी तट अनुभव मिलेगा। केंद्र में स्थित, प्रमुख घाटों से 10-20 मिनट की नाव की सवारी, शाकाहारी और शराब मुक्त परिसर पसंद करने वाले पर्यटक इसका लाभ उठाएंगे। नगर निगम के माध्यम से उचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अभ्यास अपनाया जाएगा। शराब मुक्त क्षेत्र और मांसाहारी मुक्त क्षेत्र जैसे आवश्यक प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव, एमडी जल निगम (ग्रामीण) डॉ0 बलकार सिंह, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास अनिल सागर, सचिव कृषि /राजशेखर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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