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मुख्यमंत्री ने बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस पर आम्बेडकर महासभा परिसर में आयोजित विशेष श्रद्धांजलि सभा में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए

न्यूज ऑफ इंडिया (एजेन्सी)

न्यूज़ समय तक लखनऊ: 06 दिसम्बर, 2023

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दुनिया में जहां कहीं भी जब किसी दबे कुचले समाज की आवाज को बुलंद करने की बात आती है, तो लोगों के मन में बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आम्बेडकर का नाम अनायास ही आ जाता है। बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आम्बेडकर भारतीय संविधान के शिल्पी थे। प्रत्येक काम, देश के नाम उनका सपना था। बाबा साहब ने कहा था कि हम सभी सबसे पहले व अन्त में भारतीय हैं। उन्होंने बिना झुके व बिना डिगे भारत और भारतीयता के लिए कार्य किया। यही कारण है कि पूरे देश में बड़ी संख्या में बाबा साहब डाॅ0 आम्बेडकर से जुड़े स्मारक हैं।
मुख्यमंत्री आज बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर यहां भारतरत्न बोधिसत्व बाबा साहब डाॅ0 भीमराव आम्बेडकर महासभा परिसर में आयोजित विशेष श्रद्धांजलि सभा में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डाॅ0 आम्बेडकर महासभा परिसर में स्थापित तथागत बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा डाॅ0 आम्बेडकर के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर केवल लखनऊ में ही कार्यक्रम नहीं हो रहा है। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक जनपद के सरकारी कार्यालयांे, स्कूलों व अन्य संस्थाओं में इस कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए शासनादेश जारी किया है। आज राष्ट्रपति , उपराष्ट्रपति , प्रधानमंत्री l और अन्य केंद्रीय मंत्रियों द्वारा बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार बाबा साहब डाॅ0 आम्बेडकर के सपनों को साकार करने की दिशा में अनेक कार्यक्रम चला रही हंै। प्रदेश सरकार प्रत्येक गरीब, दलित और वंचित के साथ खड़ी है। प्रदेश में पहले मुसहर, थारू, वनटांगिया, कोल, अहरिया तथा सहरिया आदि जनजातियों की आवाज दबा दी जाती थी। यह जनजातियां सीमित क्षेत्र में निवास करती हैं। जबकि बाबा साहब ने उनके उत्थान के लिए कार्य योजना बनाने की बात कही थी। इन समुदायों को 70 वर्षों तक वोट देने का अधिकार तक नहीं था। मुसहर, कोल, भील, सहरिया व अहरिया आदि प्रत्येक दलित और वंचित समुदाय को पक्का मकान, जमीन का पट्टा, शौचालय, राशन कार्ड, जॉब कार्ड, पेंशन, निःशुल्क राशन आदि सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए 100 प्रतिशत सैचुरेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आज गरीबों और दलितों को प्रत्येक क्षेत्र में आरक्षण की सुविधा मिल रही है। इससे उन्हें आगे बढ़ाने की शक्ति प्राप्त हो रही है। समाज में किसी भी प्रकार की अस्पृश्यता को समाप्त कर हमें देश को मजबूत बनाना है। बाबा साहब का यह मिशन देश का मिशन तथा भारत की एकता और अखण्डता तथा मजबूती का मिशन है। इस मिशन को प्राप्त करने के लिए सभी लोग एक होकर कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी दलित या वंचित व्यक्ति ने अनारक्षित श्रेणी की भूमि पर अपना मकान निर्मित किया है, तो उसे उसी जमीन का पट्टा देकर पक्के मकान का निर्माण करने की दिशा में कार्यवाही की जाएगी। यदि आरक्षित श्रेणी की भूमि पर मकान निर्मित किया है, तो उसे पृथक स्थान पर जमीन का पट्टा देकर व मकान निर्मित कर, विस्थापित किया जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिलना चाहिए। सम्मान के साथ जीने का यही अधिकार डॉ0 भीमराव आम्बेडकर ने दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के हितों के लिए बाबा साहब डाॅ0 आम्बेडकर ने पहली बार आवाज उठाई थी। प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय प्रारम्भ किए गए हैं। यह पब्लिक और कान्वेंट स्कूल से बेहतर सुविधाओं से युक्त हैं। प्रदेश में आश्रम पद्धति के विद्यालय भी मजबूती के साथ कार्य कर रहे हैं। गरीब बच्चे अभ्युदय कोचिंग सेंटर में पढ़कर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले आवास एक सपना था। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज देश में 04 करोड़ परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अन्य लोगों को मकान उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य चल रहा है। गांव हो या शहर प्रत्येक दलित और वंचित व्यक्ति को इस सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। मैला ढोने की कुप्रथा को बंद करने के विकल्प के रूप में 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया गया। यह कुप्रथा समाप्त करने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की बीमारियों को समाप्त करने का अभियान था। प्रत्येक गरीब परिवार को 05 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1977 में प्रदेश में इंसेफेलाइटिस बीमारी ने दस्तक दी थी। 40 वर्षों में इस बीमारी से 50 हजार बच्चों की मृत्यु हुई थी। इस बीमारी से होने वाली 90 प्रतिशत मौतें दलित और अल्पसंख्यक समुदाय में होतीं थीं। अब इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा चुका है। यदि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालयों का निर्माण नहीं होता, हर घर नल योजना से पेयजल की व्यवस्था नहीं होती और डबल इंजन सरकार व्यापक अभियान नहीं चलाती तो इंसेफेलाइटिस बीमारी कभी समाप्त नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना कालखण्ड में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रत्येक कार्यक्रम की निगरानी की गयी। गरीबों के लिए निःशुल्क राशन, भरण-पोषण भत्ता, निःशुल्क ट्रेस, टेस्ट व उपचार तथा निःशुल्क कोरोना वैक्सीन की व्यवस्था की गई। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कोरोना की दो सर्वाधिक प्रभावी वैक्सीन भारत में निर्मित की गईं। सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय वाले बड़े-बड़े देशों में भी यह कार्य संभव नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश-विदेश में बाबा साहब डाॅ0 आम्बेडकर से जुड़े 05 स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में स्थापित किया है। प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी का अंतरराष्ट्रीय स्मारक बनाया जा रहा है। यहां बाबा साहब के विचारों पर शोध करने वाले बच्चों को स्कॉलरशिप देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस स्मारक स्थल पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना और रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सबका साथ सबका विकास का नारा दिया है। इसमें जाति, मत, मजहब व संप्रदाय आदि के नाम पर भेदभाव न करने की बात निहित है। इस नारे को प्रभावी बनाते हुए गरीबों और वंचितों को शासन की योजनाओं से जोड़ने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री जी ने बाबा साहब के सपनों को सही मायने में अंगीकार और लागू करने करने के लिए 26 नवंबर की तिथि को संविधान दिवस के रूप में स्थापित करने का कार्य किया है। अब हम 14 अप्रैल, 06 दिसंबर और 26 नवंबर की तिथि को बाबा साहब का स्मरण और उनके द्वारा प्रदत्त संविधान के प्रति सम्मान का भाव प्रकट करते हैं।
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह तथा समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, अध्यक्ष डाॅ0 आम्बेडकर महासभा ट्रस्ट व विधान परिषद सदस्य डाॅ0 लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक योगेश शुक्ल सहित अन्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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