रविवार, जून 23, 2024
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महिला ग्राम प्रधान बदल रही गांव की तस्वीर, गांव का हो रहा चौतरफा विकाश

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महिला ग्राम प्रधान बदल रही गांव की तस्वीर, गांव का हो रहा चौतरफा विकाश

जातिवाद और परिवारवाद से हटकर विकास कर रहीं नेवरिया ग्राम सभा की महिला प्रधान-ग्रामीणजन

शंकरगढ़, प्रयागराज।सरकार ने इसी उम्मीद के साथ सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए शुरुआत की थी कि प्रत्येक गरीब व्यक्ति और पात्र को मूलभूत सुविधाओं से वंचित ना होना पड़े।सरकार के इन्हीं सपनों को साकार करते हुए ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान नेवरिया के अच्छे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जहां गांव के विकास के नाम पर तीसरी सरकार के मुखिया पर लोग आरोपों के प्रश्न चिन्ह को लगाने से बाज नहीं आते वहीं क्षेत्र के तमाम ग्राम प्रधानों के लिए महिला ग्राम प्रधान नेवरिया आशा सिंह एक नजीर हैं । जिनकी नजर में समग्र गांव का विकास ही अपना विकास है ग्राम प्रधान बनने के बाद महिला प्रधान ने शपथ खाई थी कि जब तक कतार में खड़े अंतिम पायदान के व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाओं को मुहैया नहीं करा दूंगी तब तक विकास का मेरा लक्ष्य पूरा नहीं होगा। जहां एक ओर लोग अपने विकास की बात करते हैं वहीं दूसरी ओर ग्राम प्रधान नेवरिया परिवारवाद और जातिवाद से हटकर विकास की बात करती हैं माना जाए तो एक प्रकार से इस समाज को बदलने के लिए जो प्रधान के द्वारा अथक प्रयास किया जा रहा है वहीं और ग्राम प्रधानों के लिए एक सबक और संदेश है। हम लोग ईश्वर से यही मन्नते मांगते हैं कि वर्तमान ग्राम प्रधान भविष्य में भी बार-बार प्रधान बने। इन्होंने मूलभूत सुविधाओं से जोड़ते हुए हम लोगों की बस्ती में पक्की नाली , इंटरलॉकिंग, जो पात्र थे उन्हें आवास और इज्जत घर मुहैया करवाया जो कार्य विगत कई दशकों से नहीं हुआ था वह कार्य महिला प्रधान ने महज 2 वर्षों में ही कर दिखाया। जहां एक ओर सुनने को मिलता है कि सुविधा शुल्क के नाम पर ग्राम प्रधान के द्वारा आवास और इज्जत घर के नाम पर सुविधा शुल्क लिया जाता है वहीं ग्राम प्रधान के द्वारा साहब सुविधा शुल्क की तो बात छोड़िए खुद वर्तमान प्रधान ने हम लोगों के सुख-दुख में खड़े होकर हाथ बटाने का काम किया है जिनका हम तहे दिल से शुक्रगुजार हैं कि ऐसे नेक दिल प्रधान हमारे ग्राम सभा की बारंबार प्रधान बनें। आगे ग्रामीणों ने कहा कि जहां एक ओर समाज में तमाम तरह के ताने-बाने सुनने को मिलते हैं वहीं दूसरी ओर ग्राम प्रधान ने जातिवाद और परिवारवाद से हटकर सभ्य समाज को आईना दिखाने का काम किया है वह काबिले तारीफ है।

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