न्यूज समय तक ब्यूरो शिवकरन शर्मा कानपुर देहात *“भागवत कथा केवल धर्म नहीं, जीवन का विज्ञान है : आचार्य शांतनु जी* *कंचौसी (कानपुर देहात), 25 सितम्बर।* “श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने योग्य धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह जीवन का शाश्वत विज्ञान है। इसमें बताया गया है कि मनुष्य कैसे दुःख से मुक्त होकर आनंद, शांति और मोक्ष की ओर बढ़ सकता है।” — यह बातें आचार्य शांतनु जी महाराज ने दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय, कंचौसी बाजार में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस की कथा में कही।श्रीमद् भागवत कथा में हजारों लोग पहुंचे*कथा सुनना है आत्मा की शुद्धि का मार्ग*आचार्य जी ने कहा कि भागवत कथा सुनना आत्मा की शुद्धि का मार्ग है। उन्होंने समझाया कि जैसे धूल से ढका हुआ दर्पण साफ करने पर उसमें छवि स्पष्ट दिखती है, वैसे ही कथा श्रवण से मनुष्य का हृदय निर्मल होता है और उसे अपने भीतर स्थित परमात्मा का साक्षात्कार होने लगता है।उन्होंने कहा कि पहला दिन पापों का नाश करता है और जन्म-जन्मांतर के बंधनों से मुक्ति की राह खोलता है। कथा सुनने से जीवन में विवेक का उदय होता है और व्यक्ति सही-गलत को पहचान पाता है। भागवत कथा समाज को जोड़ती है और हमें सेवा, सहयोग व संस्कारों से जोड़ती है।युवाओं को संदेश देते हुए आचार्य जी ने कहा कि आज की पीढ़ी को मोबाइल और सोशल मीडिया से ऊपर उठकर भागवत जैसे शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए, तभी जीवन सार्थक होगा।*श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्तिमय माहौल*गुरुवार को दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय, कंचौसी बाजार में कथा पंडाल का दृश्य देखते ही बन रहा था। भव्य सजावट, रंग-बिरंगे पुष्प, भक्ति गीतों की गूंज और शंखध्वनि ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। पंडाल में खचाखच भरी भीड़ भावविभोर होकर कथा श्रवण में डूबी रही।कथा के दौरान कई श्रद्धालुओं की आंखें आंसुओं से भर आईं। वे बोले – “ऐसा लगता है मानो भगवान स्वयं हमारे बीच विराजमान हैं।”*श्लोकों और भजन-कीर्तन से गूंजा पंडाल*कथा का आरंभ आचार्य जी ने श्लोक से किया “नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम्।देवीं सरस्वतीं व्यासं ततो जयमुदीरयेत्॥”इस श्लोक के उच्चारण के साथ ही पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” और “हरि-हरि” के उद्घोष से गूंज उठा। इसके बाद जब भक्तिमय भजन गाए गए तो श्रोता तालियां बजाकर झूम उठे।*पूर्वजों की स्मृति और सांस्कृतिक धरोहर*यह आयोजन माता कनकरानी व पिता दर्शन सिंह सहित समस्त पूर्वजों की पावन स्मृति में और युगद्रष्टा पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित किया गया है। आयोजक और अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद देवेंद्र सिंह भोले का कहना है कि इस कथा का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना और एकात्म मानववाद की भावना को समाज में सशक्त करना है।*गणमान्य अतिथियों ने की शिरकत*कथा के प्रथम दिन मंच पर अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रहे श्री अशोक रावत जी, सांसद मिश्रिख (हरदोई), श्री प्रकाश पाल जी क्षेत्रीय अध्यक्ष, भाजपाश्री अरुण पाठक जी विधायक व एमएलसी, श्री अवध विहारी जी, श्री सुधीन्द्र जैन जी, डॉ. विवेक द्विवेदी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख डेरापुर। सभी अतिथियों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को नैतिकता, संयम और एकता की राह दिखाते हैं।




