मंगलवार, जून 18, 2024
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बैंक में नकली नोट खपा रहे एसबीआई के अधिकारी-कर्मचारी

बैंक में नकली नोट खपा रहे एसबीआई के अधिकारी-कर्मचारी

न्यूज़ समय तक फतेहपुर स्टेट बैंक की मुख्य शाखा का मामला!👉बड़ी संख्या में नकली नोटों के मिलने के बाद कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा! 👉जब सारे संसाधन मौजूद तो फिर बैंक कैसे पहुंचे नकली नोट! 👉आरबीआई के दावा अनुभाग के प्रबंधक आईपीएस गहलौत ने दर्ज कराया मुकदमा! 👉करेंसी गड्डियों को भी ज्यादा दामों में खुले बाजार में देते कुछ कर्मचारी! 👉आम लोगों को नियम कायदों की हद बताने वाले दीमक की तरह चट कर रहे सरकारी खजाना! *(हरीश शुक्ल)* ✍🏿 *आम ग्राहकों से बेरुखा व्यौहार कर मनमानी के लिए जाने जाने वाले भारतीय स्टेट बैंक में बड़ा खेल सामने आया है।* उपभोक्ताओं को नगदी निकासी व जमा करने में विभिन्न तरीके की हिदायद देने वाले अधिकारी कर्मचारी खुद ही बड़े फर्जीवाड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। *मामला कोई छोटा-मोटा नहीं है बल्कि नकली नोटों की एक के बाद एक बड़ी खेफ निकलने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक कानपुर अनुभव के अधिकारी के द्वारा स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की मुख्य शाखा के अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।* *रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया कानपुर के दावा अनुभाग प्रबंधक आईपीएस गहलौत ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध अपराध संख्या 262/24 धारा 489A,489B,489C,489D,489E आईपीसी के तहत जो मुकदमा दर्ज कराया है।* उसमें बड़ी संख्या में जाली नोटों के मिलने की बात कही गई है।दर्ज कराए गए मुकदमें की जांच चौकी प्रभारी आबूनगर को सौंपी गई है लेकिन हुए इस खुलासे के बाद एक बात सामने आई है कि किस तरह से ग्राहकों को बैंकिंग के नियम कायदे बताने और समझने वाले सरकार को ही चूना लगाने में लगे हुए हैं। *सवाल ये उठता है कि जब नकली नोटों को जांचने के लिए इनके पास पर्याप्त संसाधन मुहैया हैं तो फिर बैंक में नकली नोट पहुंचे कैसे?* इसका मतलब साफ है कि अधिकारियों-कर्मचारियों की मिली भगत से ही सरकारी खजाने को धीरे-धीरे दीमक की तरह चट किया जा रहा है। *इतना ही नहीं बैंक से करेंसी गड्डियों को भी खुले बाजार में ज्यादा कीमत में देने में कुछ कर्मचारी लंबे समय से लगे हुए हैं।* खबर है कि यहां 10 की गड्डी के बदले ₹1400 से ₹1600 लिए जाते हैं। इसी का नतीजा है कि आम लोगों तक जरूरतमंद लोगों तक गड्डियां नहीं पहुंच पातीं।यह मामला अभी जांच के दायरे के बाहर है। *पूरे प्रकरण में बैंक का कोई भी अधिकारी कर्मचारी बोलने को तैयार नहीं है।फिलहाल मुकदमें के जांच अधिकारी आबूनगर चौकी प्रभारी ने जल्द जांच शुरू करने की बात कही है।*

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