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फतेहपुर में 11 हजार वोल्ट लाइन का तार टूटकर गिरा, परिवार का सहारा परवेज चला गया
ठेलिया पर तम्बाकू मसाला बेचकर भाई-बहनों का जीवन संवार रहा था परवेज, हादसे ने उजाड़ दिया घर**वर्मा तिराहे पर दर्दनाक मौत के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर आरोप । फतेहपुर शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित अटल बिहारी चौराहे पर बुधवार को 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से एक ठेलिया व्यापारी की मौत हो गई*। मृतक की पहचान परवेज (53) पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी चंदू मियां मस्जिद के पीछे के रूप में हुई है। वह पिछले करीब दस वर्षों से ठेलिया पर पान मसाला व फल बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। इस हादसे ने न केवल एक मेहनतकश इंसान की जान ले ली, बल्कि पूरे परिवार की जिम्मेदारियों का आधार भी छीन लिया।__*सदर/फतेहपुर। वर्मा चौराहे के पास स्थित अटल बिहारी चौराहे पर बुधवार को अचानक 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन का तार टूटकर नीचे आ गिरा*। उस समय सड़क किनारे सब्जी की दुकानें लगी थीं और बड़ी संख्या में लोग वहां से गुजर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तार सीधे ठेलिया व्यापारी परवेज की चपेट में आ गया और वह मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गया।__*घटना के बाद वहां भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे*, लेकिन आसपास के सब्जी व्यापारियों ने अपने साथी को बचाने के लिए जान जोखिम में डाल दी। उन्होंने लकड़ी और डंडों की मदद से हाई वोल्टेज तार को परवेज से अलग करने का प्रयास किया। कई लोग उन्हें रोकते रहे कि ऐसा करने से उन्हें भी करंट लग सकता है, फिर भी उन्होंने साहस दिखाते हुए अपने साथी को तार से अलग किया।__*परवेज को सड़क किनारे लिटाकर सीपीआर देने की कोशिश की गई और बाद में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।*_जिम्मेदारियों का बोझ उठाते-उठाते खुद को भूल गया परवेजस्थानीय लोगों के अनुसार परवेज पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। चार वर्ष पहले उनके दूसरे नंबर के भाई की कैंसर से मृत्यु हो गई थी, जबकि लगभग छह वर्ष पहले मां का निधन हो चुका था। परिवार में तीन छोटे भाई और तीन बहनें हैं। परवेज ने अपनी छोटी सी ठेलिया की कमाई से एक बहन की शादी कराई थी और बाकी भाई-बहनों की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर थी।परिचितों का कहना है कि परवेज ने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने स्वयं विवाह नहीं किया और मां तथा भाई के निधन के बाद घर के मुखिया की भूमिका निभाते रहे। अब उनके जाने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोपहादसे के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बरसात के मौसम से पहले लाइनों, तारों और अर्थिंग की नियमित जांच की जानी चाहिए थी। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद विभाग ने समय पर कार्रवाई नहीं की।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तार टूटने के बाद भी बिजली आपूर्ति तुरंत बंद नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि इतनी हाई वोल्टेज लाइन में स्वचालित शटडाउन प्रणाली क्यों सक्रिय नहीं हुई और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।प्रशासन से सहायता की मांगव्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से मृतक परिवार को आर्थिक सहायता, आश्रितों के लिए पुनर्वास योजना और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि परवेज की मौत ने सैकड़ों लोगों की जान बचा ली, लेकिन अब उसके परिवार को सहारे की आवश्यकता है।उठ रहे हैं अहम सवाल- बिना आंधी-तूफान के 11 हजार वोल्ट लाइन का तार कैसे टूट गया?- क्या लाइन की समय पर तकनीकी जांच की गई थी?- तार टूटते ही बिजली आपूर्ति स्वतः बंद क्यों नहीं हुई?- सार्वजनिक स्थानों पर हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं?- क्या मृतक परिवार को मुआवजा और पुनर्वास सहायता मिलेगी?परवेज की मौत एक साधारण दुर्घटना भर नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। वह व्यक्ति जो वर्षों तक ठेलिया लगाकर अपने परिवार का सहारा बना रहा, आज उसी सड़क पर असमय मौत का शिकार हो गया। अब प्रशासनिक जांच, तकनीकी रिपोर्ट और सरकारी कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और जिम्मेदारी किसकी तय होगी। फिलहाल फतेहपुर में एक मेहनतकश इंसान की मौत ने पूरे शहर को शोकाकुल कर दिया है।🟥एनडी न्यूज़ प्रशासन, बिजली विभाग और जनप्रतिनिधियों से अपील करता है कि मृतक परवेज के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, आश्रितों के लिए पुनर्वास योजना और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। किसी भी गरीब परिवार का कमाने वाला सदस्य अचानक चला जाना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था की भी परीक्षा है।ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुझाव- बरसात से पहले सभी विद्युत लाइनों की तकनीकी जांच अनिवार्य की जाए।- हाईटेंशन लाइनों पर नियमित अर्थिंग और मेंटेनेंस रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।- सार्वजनिक स्थानों पर जर्जर तारों को तत्काल बदला जाए।- लाइन फॉल्ट होने पर स्वचालित शटडाउन प्रणाली लागू की जाए।- स्थानीय स्तर पर विद्युत आपदा प्रतिक्रिया दल और हेल्पलाइन को सक्रिय रखा जाए।👇👇👇#



