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पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने वाला दूसरा राज्य बना छत्तीसगढ़।

न्यूज समय तक

मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक लागू करने पर मुख्यमंत्री बघेल का हार्दिक आभार : नवीन बंसल (राष्ट्रीय प्रवक्ता) आजाद पत्रकार मोर्चा।

पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने वाला दूसरा राज्य बना छत्तीसगढ़,महाराष्ट्र में यह कानून पहले से लागू है।

दिल्ली 23 मार्च 2023 (ब्यूरो) छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक’ पारित करने पर आजाद पत्रकार मोर्चा की ओर से मोर्चे के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवीन बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए मुख्यमंत्री बघेल का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने के बाद राज्य के मीडियाकर्मी बेख़ौफ़ हो के स्वतंत्र रूप से पत्रकारिता कर पाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी विधेयक पास होने के बाद इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि, यह एक ऐतिहासिक दिन है,“छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक- 2023” आज विधानसभा में पास होकर कानून बन गया है। हमने जो वादा पत्रकार साथियों से किया था, वह आज पूरा हुआ है। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ निर्भीक होकर जनता की आवाज़ उठाए और जनभागीदारी निभाता रहे, ऐसी हमारी सोच है। सबको बधाई देते हुए सीएम ने आगे कहा -आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। विधेयक को बनाने के लिए रिटायर्ड जस्टिस आफताब आलम की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने सभी पहलुओं पर राय ली है। रायपुर, अंबिकापुर और दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा के बाद कानून लाया गया है।इन सभी मीडिया कर्मियों को इस विधेयक के तहत मिलेगी सुरक्षा, संपादक, लेखक, समाचार संपादक, रूपक लेखक, प्रतिलिपि संपादक, संवाददाता, व्यंग्य चित्रकार, फोटोग्राफर, वीडियो पत्रकार, अनुवादक, शिक्षु व प्रशिक्षु पत्रकार, समाचार संकलनकर्ता या जो स्वतंत्र पत्रकार के रूप में अधिमान्यता के लिए पात्र हों, ये सभी मीडियाकर्मी लाभ ले सकेंगे।पारित हुए विधेयक के अनुसार, अगर कोई भी व्यक्ति मीडियाकर्मी को डराना, प्रताड़ित करना या मीडियाकर्मी के साथ हिंसा करता हैं तो इसके लिए छत्तीसगढ़ मीडिया स्वतंत्रता, संरक्षण एवं संवर्धन समिति होगी, जो कि प्रकरण की छानबीन करेगी। आरोप साबित होने पर ऐसे व्यक्तियों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई लोकसेवक जानबूझकर नियमों की अवहेलना करता है, तो उसे दंडित भी किया जाएगा। इसी तरह मीडियाकर्मी के रूप में पंजीयन के लिए पात्र व्यक्ति के पंजीकरण में कोई व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसे भी 25 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। जुर्माने की राशि भू-राजस्व की तरह वसूली जाएगी। आजाद पत्रकार मोर्चे के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवीन बंसल ने संगठन की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए,छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल का विधानसभा में मीडिया कर्मी सुरक्षा कानून पारित करवाने के लिये देश व प्रदेश के पत्रकारों की ओर से हार्दिक आभार जताया है।

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