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झाड़-फूंक के चक्कर में गई अधेड़ की जान, जहरीले जंतु के काटने के बाद समय पर इलाज न मिलने से मौत
कौशाम्बी संदेश मंजीत कुमार**कौशाम्बी जनपद* संदीपन घाट थाना क्षेत्र के गौसपुर गांव में अंधविश्वास के कारण एक 50 वर्षीय अधेड़ की जान चली गई। शनिवार रात गंगा में मछली पकड़ने गए नरेश कुमार (पुत्र दुखीलाल) आश्रम के चबूतरे पर सो रहे थे। इसी दौरान उन्हें किसी जहरीले जंतु ने काट लिया तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने परिजनों को सूचना दी, लेकिन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक और घरेलू उपचार का सहारा लिया गया घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें इलाज के स्थान पर झाड़-फूंक की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार पूरी रात इसी में समय बीत गया। जबकि गांव में ही सरकारी अस्पताल उपलब्ध था इसके बावजूद उन्हें वहां नहीं ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया मृतक नरेश कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे उनके परिवार में पत्नी ननकी देवी तीन बेटियां नीता मनीषा और रीता तथा दो बेटे अभिषेक और अमन हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल है सूचना मिलने पर संदीपन घाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। खबर लिखे जाने तक परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे राजस्व विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई पुलिस मामले की जांच कर रही है*जनहित में अपील*सांप, बिच्छू या किसी भी जहरीले जंतु के काटने पर झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा न लें मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। समय पर मिला चिकित्सकीय उपचार ही जीवन बचा सकता है।



