न्यूज समय तकब्यूरो शिवकरन शर्मा कानपुर देहात *जिलाधिकारी ने जारी किए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के संबंध में विभिन्न निर्देश।*कानपुर देहात 6 अगस्त 2025जिलाधिकारी कपिल सिंह के द्वारा दिनांक 04/05.अगस्त.2025 को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण / निरीक्षण के दौरान पायी गयी स्थिति के क्रम में निम्नलिखित निर्देश निर्गत किए गए है।बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में स्थापित की गयी समस्त बाढ़ चौकिया चकानुसार प्रभावी ढंग से संचालित रहें तथा इनमें तैनात समस्त अधिकारी / कर्मचारीगण 3-4 घण्टे के चकानुसार उपस्थित रहेगें तथा अपने-अपने मोबाइल को सक्रिय रखेगें एवं मोबाइल की बैटरी आदि चार्ज रखेगें ताकि कार्य करने में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। अपनी डियूटी के दौरान जी०पी०एस० पर अपनी लोकेशन भी अपने विभागीय अधिकारी को प्रेषित करेगें।उप जिलाधिकारी बाढ़ चौकियों का नियमित औचक निरीक्षण एवं परीक्षण भी करते रहेगें।बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जहाँ पर आवागमन बाधित है और नाव के द्वारा ही आवागमन होता है। वहाँ पर छोटी नाव के अतिरिक्त बडी नाव भी लगा दी जाये और बाढ़ के पानी के दोनो तरफ यानि गांव की तरफ भी नाव की उपलब्धता बनी रहे ताकि आने जाने वाले लोगों को सुविधा रहे और उनका नाव के इंतजार में समय नष्ट न हो।बाढ चौकियों में चकानुसार डॉक्टर्स की उपलब्धता प्रत्येक दशा में रहे तथा मेडिकल टीम आवश्यक एवं पर्याप्त मात्रा में दवाओं के साथ उपलब्ध रहे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर मेडिकल सुविधा जरूरतमंदों को उपलब्ध करायी जाये।बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के अन्तर्गत प्रभावित व्यक्तियों के नाश्ता, दोपहर / शाम के खाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा भोजन का परीक्षण सहायक आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कानपुर देहात के द्वारा अनिवार्य रूप से सैम्पलिंग करायी जाये।भोजन के वितरण और उपलब्धता के सम्बन्ध में स्थानीय स्तर पर ग्रामवासियों / ग्राम प्रधान को सम्मिलित करते हुये समिति बना ली जाये जो भोजन की आवश्यकता व जरूरतमंद को वितरण के सम्बन्ध में अवगत करायेगी।वर्तमान में बाढ़ क्षेत्र में कुछ जगह पानी कम हुआ है जिससे कीचड़ व अन्य गन्दगी हो गयी होगी जिसकी साफ-सफाई की अत्यन्त आवश्यकता के दृष्टिगत जिला पंचायत राज अधिकारी टीम लगाकर साफ-सफाई व्यवस्था, सेनेटाइजेशन व फागिंग आदि का कार्य नियमित रूप से करायेगें जिससे बीमारी न फैलने पाये।बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के अन्तर्गत बाढ़ से कई हैण्डपम्प भी पानी के अन्दर डूब गये थे, ऐसे हैण्डपम्पों के पीने के पानी की गुणवत्ता की जॉच अधिशासी अभियन्ता, जल निगम के द्वारा चेक करा ली जाये तथा आवश्यक दवा आदि डालकर उन्हें पीने योग्य बनाया जाये।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा यह सुनिश्चित किया जाये कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के चारा, भूसा आदि की समुचित व्यवस्था बनी रहे तथा इसका नियमित परीक्षण कराते रहें। स्वयं भी इसकी समीक्षा करें व समीक्षा टिप्पणी से अवगत करायें।आपदा कन्ट्रोल रूम नम्बर-1077 पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का शत प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाये तथा उसके निस्तारण की आख्या को चेक किया जाये एवं कन्ट्रोल रूम प्रभारी द्वारा रेण्डम जाँच/कॉस चेकिंग भी करायी जाये।अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) / प्रभारी अधिकारी, आपदा राहत प्रतिदिन बाढ़ आपदा राहत हेतु की जा रही कार्यवाही की नियमित समीक्षा करें तथा यह भी सुनिश्चित करें कि शासनादेश व उच्च स्तर पर प्राप्त निर्देशों के क्रम में सभी कार्यवाही सम्पादित हो। समीक्षा टिप्पणी की प्रति जिलाधिकारी को प्रेषित की जाये।



