रविवार, जून 23, 2024
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जनपद के एमओआईसी व सीडीपीओ बने “एक दिन की आशा व आंगनबाड़ी” का जिलाधिकारी ने लिया जायजा।

न्यूज समय तक

जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय कुन्दनपुर बीएचएनडी में पहुंच एमओआईसी व सीडीपीओ बने “एक दिन की आशा व आंगनबाड़ी“ के कार्यो का लिया जायजा, दिये आवश्यक दिशा निर्देश।

कानपुर देहात जिलाधिकारी की नवीन पहन के दृष्टिगत प्रथम बार क्रमशः जनपद के एमओआईसी व सीडीपीओ बने “एक दिन की आशा व आंगनबाड़ी“। उन्होनें बताया कि जनपद स्तर पर क्षमता संवर्धन व जमीनी जुड़ाव को परखने हेतु शीर्ष पर बैठे अधिकारियों को जमीनी हकीकत जानने हेतु जनपद के समस्त एमओआईसी व सीडीपीओ को 1 दिन की आशा व आंगनबाड़ी बनाते हुए उन्हें क्षेत्र पर आशा व आंगनबाड़ी के अनुरूप पूरे दिन उनके द्वारा सम्पादित किये जाने वाले कार्यो तथा परेशानियों को भांपने हेतु सभी ने अपने-अपने निर्धारित किये गये क्षेत्र में भ्रमण किया तथा उनके द्वारा करे जाने वाले कार्यों को भी करते हुए जमीनी हकीकत परखी। आज जिलाधिकारी से प्राप्त निर्देशों के क्रम में समस्त एमओआईसी को वीएचएनडी सत्र पर डीयू लिस्ट तैयार करते हुए संबंधित सभी लाभार्थियों को बुलाकर वीएचएनडी सत्र पर लाभान्वित कराया गया, साथ ही साथ दस्तक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक एमओआईसी द्वारा 20 घरों का भ्रमण किया गया, जिसमें आशा द्वारा संपादित किए जाने वाले कार्यों को एमओआईसी द्वारा संपादन किया गया। इस दौरान समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा वीएचएनडी सत्र पर पहुंचकर आने वाले शिशुओं का वजन कराया गया तथा उनका वृद्धि चार्ट भी बनाया गया। समस्त एमओआईसी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सत्र पर प्रात 9ः00 बजे पहुंचकर एक दिन की आशा एवं एक दिन की आंगनबाड़ी के रूप में कार्य संपादित किया गया। उपरोक्त कार्यक्रम का जिलाधिकारी नेहा जैन द्वारा भी पर्यवेक्षण किया गया, जिसमें उनके द्वारा आकस्मिक रूप से अकबरपुर तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड सरवनखेड़ा के अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय कुन्दनपुर में चल रहे बीएचएनडी सत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित सरवनखेड़ा स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी विशाल दिवाकर से आशा के भ्रमण का जायजा लिया गया एवं भ्रमण में क्या-क्या समस्या सम्बन्धित आशा द्वारा पायी जाती है उसको भी पूछा जिसमें सम्बन्धित द्वारा बताया गया कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जनता द्वारा वांछित सहयोग दिया जाता है एवं कुछ परिवारों को कतिपय छोड़कर अन्य सभी परिवारों को शासन द्वारा दी जाने वाली योजनाओं की जानकारी है तथा वह उसका लाभ भी लेते है। निरीक्षण के दौरान एक परिवार ऐसा पाया गया जिसमें प्रसूताओं का प्रसव घर में ही कराया जाता है जिनको सम्बन्धित एमओआईसी द्वारा शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत प्रसव हमेशा पास के सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ही कराये जाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा उक्त कार्य के परिणामों के आंकलन हेतु आज सायं समस्त एमओआईसी/सीडीपीओ (एक दिन की आशा व आंनगाबाड़ी) द्वारा किये गये कार्यो तथा प्राप्त परिणामों के आंकलन हेतु बैठक भी बुलायी है, जिसमें यह तथ्य संज्ञान में आयेगा कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सम्बन्धित आशा व आंगनबाड़ी को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है तथा किस क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, तहसीलदार अकबरपुर, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आदि उपस्थित रहे।*जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय कुन्दनपुर बीएचएनडी में पहुंच एमओआईसी व सीडीपीओ बने “एक दिन की आशा व आंगनबाड़ी“ के कार्यो का लिया जायजा, दिये आवश्यक दिशा निर्देश*(ओम जी पाठक) कानपुर देहात जिलाधिकारी की नवीन पहन के दृष्टिगत प्रथम बार क्रमशः जनपद के एमओआईसी व सीडीपीओ बने “एक दिन की आशा व आंगनबाड़ी“। उन्होनें बताया कि जनपद स्तर पर क्षमता संवर्धन व जमीनी जुड़ाव को परखने हेतु शीर्ष पर बैठे अधिकारियों को जमीनी हकीकत जानने हेतु जनपद के समस्त एमओआईसी व सीडीपीओ को 1 दिन की आशा व आंगनबाड़ी बनाते हुए उन्हें क्षेत्र पर आशा व आंगनबाड़ी के अनुरूप पूरे दिन उनके द्वारा सम्पादित किये जाने वाले कार्यो तथा परेशानियों को भांपने हेतु सभी ने अपने-अपने निर्धारित किये गये क्षेत्र में भ्रमण किया तथा उनके द्वारा करे जाने वाले कार्यों को भी करते हुए जमीनी हकीकत परखी। आज जिलाधिकारी से प्राप्त निर्देशों के क्रम में समस्त एमओआईसी को वीएचएनडी सत्र पर डीयू लिस्ट तैयार करते हुए संबंधित सभी लाभार्थियों को बुलाकर वीएचएनडी सत्र पर लाभान्वित कराया गया, साथ ही साथ दस्तक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक एमओआईसी द्वारा 20 घरों का भ्रमण किया गया, जिसमें आशा द्वारा संपादित किए जाने वाले कार्यों को एमओआईसी द्वारा संपादन किया गया। इस दौरान समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा वीएचएनडी सत्र पर पहुंचकर आने वाले शिशुओं का वजन कराया गया तथा उनका वृद्धि चार्ट भी बनाया गया। समस्त एमओआईसी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी सत्र पर प्रात 9ः00 बजे पहुंचकर एक दिन की आशा एवं एक दिन की आंगनबाड़ी के रूप में कार्य संपादित किया गया। उपरोक्त कार्यक्रम का जिलाधिकारी नेहा जैन द्वारा भी पर्यवेक्षण किया गया, जिसमें उनके द्वारा आकस्मिक रूप से अकबरपुर तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड सरवनखेड़ा के अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय कुन्दनपुर में चल रहे बीएचएनडी सत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित सरवनखेड़ा स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी विशाल दिवाकर से आशा के भ्रमण का जायजा लिया गया एवं भ्रमण में क्या-क्या समस्या सम्बन्धित आशा द्वारा पायी जाती है उसको भी पूछा जिसमें सम्बन्धित द्वारा बताया गया कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जनता द्वारा वांछित सहयोग दिया जाता है एवं कुछ परिवारों को कतिपय छोड़कर अन्य सभी परिवारों को शासन द्वारा दी जाने वाली योजनाओं की जानकारी है तथा वह उसका लाभ भी लेते है। निरीक्षण के दौरान एक परिवार ऐसा पाया गया जिसमें प्रसूताओं का प्रसव घर में ही कराया जाता है जिनको सम्बन्धित एमओआईसी द्वारा शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत प्रसव हमेशा पास के सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ही कराये जाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा उक्त कार्य के परिणामों के आंकलन हेतु आज सायं समस्त एमओआईसी/सीडीपीओ (एक दिन की आशा व आंनगाबाड़ी) द्वारा किये गये कार्यो तथा प्राप्त परिणामों के आंकलन हेतु बैठक भी बुलायी है, जिसमें यह तथ्य संज्ञान में आयेगा कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सम्बन्धित आशा व आंगनबाड़ी को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है तथा किस क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, तहसीलदार अकबरपुर, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट आदि उपस्थित रहे।

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