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उत्तर प्रदेश विधानसभा की पंचायतीराज समिति की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

पंचायतों का लेखा-जोखा, ऑडिट का कार्य आनलाइन सम्पादित होने से पारदर्शिता के साथ त्वरित निस्तारण हो पा रहा-कृषि उत्पादन आयुक्त।

न्यूज ऑफ इंडिया ( एजेन्सी)

न्यूज़ समय तक लखनऊ: दिनांक: 13 दिसम्बर, 2023

प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने पंचायतीराज निदेशालय में आज 13 दिसम्बर, 2023 को पंचायतीराज समिति की अध्यक्षता में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये कहा कि पचंायती राज संस्थाओं की कार्यशैली में विगत 07 वर्षों से व्यापक परिवर्तन आये हैं। जिन अभिलेखों की भौतिक रूप से उपलब्धता नहीं हो पा रही थी, वह सब आनलाइन आमजन के लिए उपलब्ध हैं।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि भारत सरकार के पोर्टल पर कार्ययोजना अपलोड किये जाने, कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की रिपोर्टिंग के साथ परिसम्पत्तियों की जियो टैंिगग के कार्य से संबंधित विवरण भी ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध है। मुख्य रूप से पंचायतों की कार्यप्रणाली में वित्तीय लेखे-ंजोखे का आडिट किया जाना तथा दस्तावेज प्राप्त किया जाना लम्बी एवं जटिल प्रक्रिया थी, परन्तु आज पंचायतों का लेखा-जोखा तथा आडिट का कार्य आनलाइन पोर्टल पर सम्पादित होने से पारदर्शिता के साथ इनका त्वरित निस्तारण हो पा रहा है।
इस कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये पंचायतीराज समिति के सभापति विपिन कुमार डेविड ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से विभाग का प्रयास रहेगा कि केन्द्रीय एवं राज्य लेखा परीक्षा की तकनीकी रिपोर्ट एवं उनमें उठायी गयी आपत्तियों तथा संस्तुतियों पर जनपदों को संवेदित किया जा सके, जिससे कि आमतौर पर पंचायतों द्वारा लेखा-जोखा एवं उससे संबंधित दस्तावेजों की व्यवस्था में बरती जाने वाली सावधानियों पर सभी को जागरूक किया जा सके तथा शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देर्शों का पालन किया जाये।
कार्यशाला में पंचायती राज विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित योजनाओं का प्रस्तुतिकरण विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा किया गया जिसमें पंचायतीराज की प्रमुख योजनायें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), वित्त आयोग, आर0जी0एस0ए0, पंचायत कल्याण कोष, अन्त्येष्ठि स्थल तथा ग्राम विकास की मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना आदि से विस्तारपूर्वक समिति एवं अन्य प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। समिति द्वारा इस तरह की कार्यशाला का आयोजन जनपद एवं मण्डल स्तर पर भी आयोजित करने के सुझाव दिये गये।
कार्यशाला के अन्त में समिति एवं विभागों के राज्य स्तरीय प्रतिनिधि तथा मण्डल एवं जनपद के अधिकारियों के मध्य ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं व सुझावों पर परिचर्चा करते हुये निदेशक पंचायतीराज श्री राजकुमार ने कार्यशाला की आवश्यकता एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विधान मण्डलों के बहुआयामी कार्य एवं सरकार के कार्यकलापों की जटिलताओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य विधान मण्डल के लिए यह सम्भव नहीं है कि वह सदन के अन्दर विधायन एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों का सूक्ष्म परीक्षण कर सकें। जिसके क्रम में मा0 विधान मण्डल की पंचायतीराज समिति द्वारा पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास विभागों की योजनाओं पर कार्यशाला आयोजित किये जाने की अपेक्षा की गयी है। साथ ही उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यशाला में समिति के सदस्य / मुकेश चौधरी, पीयूष रंजन निषाद, डा0 मुकेश चन्द्र वर्मा, राम अचल राजभर, बृजेश कुमार प्रिंसू, एवं ओम प्रकाश उपस्थित रहें तथा उनके द्वारा सुझाव भी दिये गये। कार्यशाला में बी0 चन्द्रकला विशेष सचिव पंचायतीराज, विशेष सचिव ग्राम्य विकास, निदेशक लेखा परीक्षा, संयुक्त विकास आयुक्त (ग्राम्य विकास), पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारीगण एवं समस्त मुख्य विकास अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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