गुरूवार, फ़रवरी 19, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
होमKanpurउत्तर प्रदेश में मानवता के मिसाल बने उरई जिले के स्वयंसेवक सुमित...

उत्तर प्रदेश में मानवता के मिसाल बने उरई जिले के स्वयंसेवक सुमित प्रताप सिंह इस समय खूब सुर्खियो पर हैं

**न्यूज़ समय तक**उत्तर प्रदेश में मानवता के मिसाल बने उरई जिले के स्वयंसेवक सुमित प्रताप सिंह इस समय खूब सुर्खियो पर हैं*`संवाददात शुभम सिंह चंदेल`उत्तर प्रदेश में उरई जिले के एक नवयुवक स्वयंसेवक सुमित प्रताप सिंह इस समय खूब सुर्खियां बटोर रहे हैl और सुर्खियां बटोरना जायज़ भी हैंl सुमित मानवता की जीती जागती मिसाल बन कर उभरे हैंl इन्होंने पराई पीड़ा को अपना मानकर एक असहाय परिवार की जिंदगी मे नई उम्मीद की किरण जगाई। ऐसा लग रहा हैं जैसे किसी फिल्म में इंसानियत के लिए किसी असहाय परिवार की मदद के लिए एक हीरो देवता बन कर आता है और उसकी सारी समस्या का समाधान एक झटके में कर देता है वैसे हीकुछ दिन पूर्व मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले का 19 वर्षीय युवक गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार लखनऊ के मेदांता अस्पताल में इलाज करवा तो रहा था, किंतु मात्र तीन दिनों में लगभग तीन लाख रुपये खर्च होने के बाद आगे का उपचार असंभव प्रतीत हो रहा था। ऐसे नाजुक दौर में बिना किसी परिचय के सुमित प्रताप सिंह मसीहा बनकर सामने आए। उन्होंने न केवल युवक को मेदांता से छुट्टी दिलवाई, बल्कि उसे लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में पुनः भर्ती कराकर इलाज शुरू कराया। उल्लेखनीय है कि मात्र एक दिन में उन्होंने युवक का आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड भी बनवा दिया, जिससे पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार संभव हो सका। यह कार्य अपने आप में मिसाल है। यही नहीं सुमित ने समाज के लोगों से अपील की और इलाज़ के लिए युवक के खाते में आर्थिक सहयोग भी पहुँचवाया। वह आज भी प्रतिदिन वीडियो कॉल के माध्यम से युवक का हालचाल लेते ह ैं और उस े छोटे भाई की तरह भावनात्मक संबल देते हैं। जब समाज में रिश्तेदार भी कठिन समय में दूरी बना लेते हैं, वहीं सुमित प्रताप सिंह जैसे लोग यह सिद्ध करते हैं कि सेवा का कोई पद या सीमा नहीं होती बस संवेदनशील हृदय होना चाहिए। गौरतलब है कि सुमित प्रताप सिंह कोई राजनीतिक या सरकारी पद नहीं है। ये एक धार्मिक प्रवृत्ति के दिल से धनी व्यक्ति हैं, इसके अलावा समाज में निस्वार्थ सेवा भाव से समाज की सेवा कर रहे हैं सुमित ने कई बेरोजगार युवाओं को नौकरी भी दिलाई है जिससे वो अपना खुशी से जीवन यापन कर रहे हैं सुमित के जीवन का मूल मंत्र निस्वार्थ सेवा और समर्पण है। उनका कार्य व्यवहार, सेवा भावना और समर्पण आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है|

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

Recent Comments