न्यूज़ समय तक कानपुर आज दिनाँक 16/12/2025 को मेरे द्वारा तीन दिन पहले से कार्यक्रम की सूचना देने के बाद भी जब मैं अपने सफाई कर्मचारीयों की समस्यायों को लेकर नगर निगम कानपुर मुख्यालय पहुंचा तो वहां पर मुझे रिसीव करने के लिए एक चपरासी तक नही आया क्योंकि मैं एक सफाई पेशे समाज से आता हूं। यह एक आयोग के सदस्य का खुला अपमान तो है ही, साथ ही साथी जातिगत भेदभाव है। इस मुद्दे को मै एससी-एसटी आयोग के साथ – साथ नगर विकास मंत्री व सूबे के मुख्यमंत्री तक ले जाऊंगा। हर सफाई कर्मचारी का जमकर दोहन, शोषण, उत्पीड़न व भेदभाव होता है। नगर निगम कानपुर में कर्मचारियों के छोटे छोटे कामों के लिए भी धन उगाही होती है, चाहे किसी कर्मचारी के ट्रान्सफर का मामलों हो, चाहे दस्तूरी का मामला हो, कर्मचारियों के छुट्टी का मामला हो, उसके ESIC का मामला हो, उसके पी० एफ० के पैसों का मामला , एसीपी का मामला हो, या मृतक आश्रित में नौकरी मिलने का मामला हो।




