मंगलवार, जुलाई 21, 2026
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अनाथ बेटी का सरकारी तंत्र से मिलकर आशियाना छीनने में लगे दबंग

न्यूज़ समय तक कानपुर जहां एक और योगी सरकार कहती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सशक्त नारी नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में एक अनाथ बेटी का सरकारी तंत्र से मिलकर आशियाना छीनने में लगे दबंग जहां एक और योगी सरकार कहती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सशक्त नारी नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में एक अनाथ बेटी का सरकारी तंत्र से मिलकर आशियाना छीनने में लगे दबंग आप को बताते चलें उत्तर प्रदेश के कानपुर के बर्रा क्षेत्र स्थित विश्व बैंक पोषित उ0 प्र0 नगर विकास परियोजना के अन्तर्गत आवंटित भवन संख्या सी./148 को लेकर एक गंभीर विवाद प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार, एक अनाथ बेटी से आशियाना छीनने का प्रयास करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता ने प्रार्थना पत्र देकर केडीए के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थिनी कु. ओश सिंह, जो वर्तमान में बीबीए की छात्रा हैं तथा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। उसने प्राधिकरण के अधिकारियों को एक प्रार्थना पत्र देकर अपने अधिकारों की रक्षा की मांग की है। पीड़ित ओश के अनुसार उनके पिता उमेश सिंह का देहावसान 30 नवम्बर 2017 को तथा माता गीता रानी का निधन 4 जुलाई 2023 को हो चुका है। उसका दावा है कि उक्त भवन वर्ष 2008 में हुए एक इकरारनामा के आधार पर उनके पिता के अधिकार में था। इस इकरारनामे के समय दो गवाहों की उपस्थिति में यह समझौता किया गया था, जिसके बाद आवंटन से संबंधित मूल दस्तावेज, रसीदें आदि भी उन्हें सौंप दिए गए थे। इसके पश्चात पीड़िता के पिता द्वारा भवन का निर्माण कराया गया तथा विद्युत मीटर भी अपने नाम से कराया गया। वर्ष 2008 से लेकर उनके माता-पिता के निधन तक उक्त आवास पर उनका निरंतर कब्जा एवं निवास रहा है, तथा वर्तमान में भी वह उसी भवन में रह रही हैं।हाल ही में दिनांक 2 मई 2026 को पीड़िता के आवास पर एक नोटिस चस्पा किया गया, जो कि 27 अप्रैल 2026 को अभियन्त्रण अनुभाग, जोन-3 के अधिशाषी अभियन्ता द्वारा जारी किया गया था। इस नोटिस के बाद यह मामला प्रकाश में आया। वही पीड़िता का आरोप है कि मूल आवंटी के शातिर उत्तराधिकारियों द्वारा तथ्यों को छिपाकर एवं प्राधिकरण के अधिकारियों को गुमराह करके उक्त भवन पर दावा किया जा रहा है तथा पूर्व में हुए समझौते को नजरअंदाज किया जा रहा है। उसका यह भी कहना है कि इस प्रक्रिया में कूट रचित तथ्यों का सहारा लिया जा रहा है। पीड़िता ओश ने कानपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से निवेदन किया है कि उनके कब्जे एवं अधिकारों को ध्यान में रखते हुए न्यायोचित कार्यवाही की जाए तथा उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है और प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा आगे की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वही आपको बता दें जहां एक और देश एवं प्रदेश की सरकार नई को महत्व देकर हर प्रकार से उनके बढ़ावा का वादा कर रही है वही उनके अधिकारी मिली भगत से बेसहारा पीड़िता की कर रहे मकान पर कब्जा अब देखना है खबर प्रकाशित होने के बाद क्या कार्रवाई करते हैं या इसी तरह नारी के बल को दबाया जाएगा और असहाय को किया जाएगा घर से बेघर

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